समस्तीपुर : जिले में नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के क्रम में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जिले के सरायरंजन प्रखंड में कार्यरत एक शिक्षिका के विरुद्ध फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में नगर थाना, समस्तीपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई है. निगरानी विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जिला परिषद नियोजन इकाई समस्तीपुर के अंतर्गत वर्ष 2015 में नियोजित शिक्षिका रंजू कुमारी पिता जगत राय, साकिन सातनपुर, उजियारपुर ने नियोजन के समय जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान से जारी बीएड का अंक पत्र और प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था. जांच के दौरान जब विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया गया, तो वहां के कुलसचिव ने स्पष्ट किया कि उक्त रोल नंबर और नामांकन का कोई भी छात्र उनके विश्वविद्यालय में कभी रहा ही नहीं है. विश्वविद्यालय ने रंजू कुमारी की डिग्री को पूर्णतः फर्जी करार दिया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के पुलिस उपाध्यक्ष गौतम कृष्ण द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में शिक्षिका के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. नगर थाना में कांड संख्या 63/26 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 और 120 (बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के साथ साजिश रचकर जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी राशि का उठाव किया, जो एक संज्ञेय अपराध है.
इस कार्रवाई से जिले के नियोजित शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.
