– निगम प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सूचना प्रसारित कर लोगों को किया जागरुक, नल जल के कनेक्शन में अलग से मोटर पंप लगाने या खेतों में सिंचाई कर पेयजल का दुरुपयोग करने पर होगा 5 से 10 हजार जुर्माना
प्रतिनिधि, समस्तीपुर: निगम क्षेत्र में नल जल योजना के दुरुपयोग करने पर उपभोक्ता के विरुद्ध प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी. नल जल योजना के कनेक्शन में अलग से मोटर पंप का इस्तेमाल कर निजी टैंक में पानी स्टोर करने या खेताें में सिंचाई करते पकड़े जाने पर 5 से 10 हजार तक जुर्माने की रकम हो सकता है. निगम प्रशासन द्वारा इसकी निगरानी के लिए टीम गठित है, जो घर घर जाकर नल योजना के तहत लगे कनेक्शन की जांच करेंगे. इससे पहले निगम प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सार्वजनिक सूचना प्रसारित कर लोगों को जागरुक करते हुए जल्द से जल्द नल जल कनेक्शन के सप्लाई में अलग से लगाए हुए मोटर पंप को हटा लेने की चेतावनी दी गयी है.
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अंतिम घरों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य
निगम क्षेत्र में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर में नल का जल पहुंचाया गया है, इस सुविधा से लगभग हर घर लाभान्वित हो रहा है. निगम के टैक्स दारोगा भूपेन्द्र सिंह ने बताया अक्सर क्षेत्र भ्रमण में शिकायत मिलती है कि कुछ लोग योजना के जल वितरण प्रणाली में मोटर लगाकर निजी टंकी भरने या खेतों में सिंचाई कर पेयजल बर्बाद किया जा रहा है. इस कारण वार्ड के अंतिम घरों तक पानी पहुंचने में कठिनाई होती है, जलापूर्ति से लोग वंचित रहते हैं. वैसे घरों में नल जल का पानी नहीं पहुंच रहा है जो मोटर लगाने में असमर्थ है, यानी गरीब परिवारों के घरों में या तो पानी का प्रेशर बहुत कम है या पानी नहीं पहुंच पाता है. विभागीय निर्देश के आलोक में ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी. जो नल जल के कनेक्शन में अलग से मोटर पंप लगाकर निजी टैंक में पानी स्टोर कर रहे हैं या खेताें में सिंचाई कर पेयजल का दुरुपयोग कर रहे हैं. पांच से दस हजार रुपये जुर्माने के साथ मोटर पंप भी जब्त कर लिया जाएगा. इससे पूर्व निगम प्रशासन द्वारा सार्वजनिक सूचना प्रसारित कर लोगों को चेतावनी दी गयी है, जो लोग नल जल योजना के कनेक्शन में अलग से मोटर पंप लगाकर टैंक में स्टोर कर रहे हैं, उन्हें नल जल योजना में अलग से लगाए गए मोटर पंप का कनेक्शन हटा खोल लेने की हिदायत दी गयी है.
