समस्तीपुर: जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि राह चलना दुश्वार हो गया है. बताया जाता है कि बेलसंडी तारा पंचायत के वार्ड 8 निवासी मुकेश शर्मा के 9 वर्षीय पुत्र हिमांशु राज कुत्तों के हमले का शिकार हो गया. वह गंभीर रूप से जख्मी है. सीएचसी में इलाजरत प्रथम वर्ग का छात्र हिमांशु राज ने बताया कि सुबह-सुबह वह सिवान चौक स्थित शिक्षण संस्थान में पढ़ने जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में तीन आवारा कुत्तों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. शरीर के कई हिस्सों में काटकर उसे लहूलुहान कर दिया. बालक की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर दौड़े और कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचायी. परिजनों ने घायल को विभूतिपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. पीके शाह ने प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया है.डीएम के आदेश की अनदेखीइस घटना ने प्रशासन के आदेशों की पोल खोल दी है. भीषण ठंड व शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने 10 जनवरी से 13 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद विभूतिपुर में कई निजी शिक्षण संस्थान धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं. अगर कोचिंग बंद होती तो शायद मासूम आज इस हादसे का शिकार न होता.हर दिन पहुंच रहे 35 मरीज विभूतिपुर क्षेत्र में कुत्तों का खौफ किस कदर है, इसका अंदाजा सीएचसी के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 30 से 35 मरीज रेबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों से निजात दिलाने और सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने वाले निजी संस्थानों पर कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में पूछे जाने पर बीईओ मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि जानकारी मिली है. विभाग मामले की जांच कर आदेश की अवहेलना करने वाले संस्थान के संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी.