सनातन धर्म को दें पंख, उड़ान भरेगा देश : आचार्य देवकृष्ण

समस्तीपुर : सनातन सत्य,ईश्वर,आत्मा और मोक्ष का मार्ग है. हिन्दू ही सनातन है. इसे एक दूसरे से अलग नहीं समझा जा सकता. यह अनादि काल से चला आ रहा है. इसकी जड़ें मजबूत हैं. आवश्यकता है सनातन धर्म को पंख देने की. इससे देश विकास की तेज उड़ान भर सकेगा. उक्त महात्म्य वाले विचार आचार्य देवकृष्ण शास्त्री के हैं. वे विद्यापतिधाम के पार्श्व गढ़सिसई श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी में नौ दिवसीय श्रीराम महायज्ञ में श्रीराम चलित मानस की सर्वोपरि महत्ता पर कथा सुना रहे थे. श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी गढसिसई के प्रांगण में व्यास पीठ के पूजनोपरांत कथावाचक श्री शास्त्री ने मंच से उपस्थित लोगों को रामायण की उत्पत्ति और श्रीरामचरितमानस की महत्ता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला. संत शिरोमणि तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस का महत्व वर्तमान काल में कितना प्रासंगिक है, इस पर बोलते हुए उन्होंने लोगों को इसका गहराई से अध्ययन, चिंतन और मनन करने की सलाह दी. बच्चों के निर्माण और समाज सुधार के अनेकानेक उपायों पर बोलते हुए उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि धर्म पर हो रहे कुठाराघात से हम सबकों सावधान रहने की जरूरत है. देश को कमजोर करने वाली शक्तियों से निपटने की आवश्यकता है. बोले, जब देश ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो धर्म कहां सुरक्षित रहेगा. उन्होंने कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि अधिकाधिक संख्या में आकर कथा को सुनें और लाभ उठायें. आयोजन को सफल बनाने में अमरकांत झा, यज्ञ समिति के अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, सचिव मुकेश कुमार सिंह, वीणा देवी, पंडित सीबी सुधांशु, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, विकास कुमार वत्स, नरेश महतो, ओम प्रकाश अमर, सदानंद भूषण, संतोष कुमार सिंह, टुनटुन सिंह, सुनील कुमार सिंह सक्रिय दिखे.